बुधवार, 11 अक्टूबर 2017
अब्दुल कलाम
We should not give up and we should not allow the problem to defeat us.हमें हार नहीं माननी चाहिए और ना ही हमें समस्या को हमें पराजित करने की अनुमति देनी चाहिए। A.P.J. Abdul Kalamडा. एपीजे अब्दुल कलाम ये वो शख्सियत है जो युवाओं की धड़कनों में आज भी ज़िन्दा हैभारत रत्न से सम्मानित डॉ0एपीजे अब्दुल कलाम “मिसाइल मैन ऑफ़ इंडिया ” के नाम से जाने जाते है .इस देश के ११ पूर्व राष्ट्र पति और जाने माने वैज्ञानिक और इंजीनियर भी थे१५ अक्तूबर १९३१ रामेस्वरम,तमिलनाडु में जन्मे पिता पेशे से नाविक थे वह एक बेहद गरीब परिवार से होने के बावजूद अपनी मेहनत और समर्पण के बल पर बड़े से बड़े सपनो को साकार करने का एक जीता-जागता प्रमाण हैं।डा0 एपीजे अब्दुल कलाम १९५० में मद्रास इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेकनोलॉजी से अंतरिक्ष विज्ञान में स्नातक की उपाधि प्राप्त की उसके बाद उन्होंने हावर क्राफ्ट परियोजना पर काम किया भारतीय रक्षा अनुसन्धान एवं विकास संसथान में प्रवेश किया १९६२ में वे भारतीय अंतरिक्ष अनुसन्धान संगठन से जुड़े डा. एपीजे अब्दुल कलाम को परियोजना महानिदेशक के रूप में भारत का पहला स्वदेशी उपग्रह ( एस ए ल वी तृतीय ) परशेपास्त्र बनाने का श्रेय हासिल किया इसरो लांच व्हीकल प्रोग्राम को परवान चढाने का श्रेय भी इन्हे प्रदान किया जाता है
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