मेरे किचन की गिलहरी जब भी सुबह दबे पाँव आती है तो वह सबसे पहले रोटियों के टुकड़े तोड़ कर अपने साथ लेकर जाती फिर आती दो गिलहरियाँ जब देखा में नहीं है कोई खूब उछल कूद मचाती मेरे किचन के डब्बे पर चढ़ उत्तर कर चीज़ों खूब तलाशते
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