मानव क़्या अधिकार है ?
मानव अधिकार …… यह एक अच्छा सवाल है ?
मानव अधिकार …इसे परिभाषित करना एक कठिन काम है ?
मुझे इस पर थोड़ा काम करना पडेगा
वह अधिकार जो इंसानो के लिए है
यह एक बहुत बड़े वाद विवाद का मुद्दा है
मानव अधिकारों के कई मतलब हो सकते है
अगर आप बीस लोगो से पूछें गे , तो बीस लोगो के अलग अलग विचार सुनने को मिलेंगे
मुझे नही.... पता यह काफी जटिल सवाल है
यह थोड़ा मुश्किल है ?
मुझे लगता है हम इसका मूल्य नही पहचानते ?
हम इसके बारे में विचार भी नहीं करते ?
ह्यूमन - मानव होमो सेपियन प्रजाति के सदस्य, महिलाएं , बच्चे और व्यक्ति
राइट्स - अधिकार वह चीजे जिसके हम हक़दार है
एवं ऐसी स्वातंता जो निश्चित है ?
ह्यूमन राइट्स
मानव अधिकार : वह अधिकार जो आपको इंसान होने के नाते प्राप्त है।
मानव अधिकार वह है , जिसकी आप उम्मीद एक इंसान के रूप करते है।
- आज़ादी से जीने का अधिकार।
अपने मन की बात कहने का अधिकार।
समानता का अधिकार।
वैसे तो विभिन्न प्रकार के अधिकार है।
लेकिन कुछ अधिकार कुछ समूहों के लिए ही लागू है। लेकिन मानव अधिकार हर समूहों पर लागू होते है।
इसका मतलब बच्चों पर वृद्धों के लिए खिलाडी , सफाई, कर्मचारी, रैपर्स, अधयापक, अफ़्रीकी, भारतीय, अल्बेनियन, ईसाई, मुस्लिम , नास्तिक आपके माता पिता आपके पडोसी और आप सब सामान अधिकार है।
अन्य शब्दों में सार्वभौमिक है।
लेकिन प्रशन यही है , कि आखिर मानव अधिकार यही है।
जीने का अधिकार
हर एक का जन्म समानता व स्वतन्त्रता है
धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार
सयुंक्त रास्त्र कुल तीस
१ - हम सभी स्वतंत्र और सामान है
२ - भेदभाव न करना।
३- जीवन का अधिकार।
४- ना गुलामी
५- ना यातना
६ - आपके पास अधिकार है। आप कहीं भी रहे।
७-कानून की दृष्टि से सब सामान है।
८- कानून आपके मानव अधिकारों की रक्षा करता है।
९- अनुचित गिरफ़्तारी नही
१०- परीछन का अधिकार
११ - दोषी साबित होने तक हम निर्दोष है।
12 - एकांत का अधिकार।
१३ - भ्रमण का अधिकार
१४ - जीने के लिए एक सुरक्षित जगह तलाश करने का अधिकार
१५- राष्ट्रीयता का अधिकार
१६ - शादी एवं परिवार
१७ - अपनी वस्तुओं का अधिकार
१८- विचारों की स्वतंत्रता
१९- अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता
२० - सार्वजनिक सभा करने का अधिकार
२१ - लोकतंत्र का अधिकार
२२ - सामाजिक सुरक्षा
२३ - श्रमिको के अधिकार
२४ - खेलने का अधिकार
२५ - सभी के लिए भोजन और आश्रय
२६ - शिक्षा का अधिकार
२७ - निष्पक्ष् और मुक्त दुनिया
२८ - उत्तर्दयित्व
२९ - कोई आपके मानव अधिकार नही ले सकता।
यह सब मानव अधिकार सार्वभौमिक घोषणा में सूचीबद्ध है।
यह सबसे व्यापक रूप से स्वीकार किया गया दस्तावेज है
लेकिन एक छोटी सी समस्या है।
सभी के पास भोजन एवं आश्रय का अधिकार है।
फिर भी रोज १६ हज़ार बच्चे भूक से मर रहे है।
यर्थाथ प्रत्येक पांच सेकेण्ड मैं एक बच्चा अगर सभी के पास शिक्षा का अधिकार है
फिर क्यों ....
एक अरब वयस्क पढ़ भी नही सकते अगर गुलामी को समाप्त कर दिया गया है। फिर भी क्यों
सत्ताईस मिलियन लोग आज भी गुलाम है।
मानव अधिकारों की सार्व भौमिक घोषणा को कानून बल प्राप्त नही है। जिन सदस्य राष्ट्रों ने हस्ताक्षर किये है
यह शब्दों से अधिक है। लेकिन सवाल यह है , कौन इन शब्दों को वास्तविकता बनाएगा।
मानव अधिकारों को एक वास्तविक ता बनाना है।
मानव अधिकार …… यह एक अच्छा सवाल है ?
मानव अधिकार …इसे परिभाषित करना एक कठिन काम है ?
मुझे इस पर थोड़ा काम करना पडेगा
वह अधिकार जो इंसानो के लिए है
यह एक बहुत बड़े वाद विवाद का मुद्दा है
मानव अधिकारों के कई मतलब हो सकते है
अगर आप बीस लोगो से पूछें गे , तो बीस लोगो के अलग अलग विचार सुनने को मिलेंगे
मुझे नही.... पता यह काफी जटिल सवाल है
यह थोड़ा मुश्किल है ?
मुझे लगता है हम इसका मूल्य नही पहचानते ?
हम इसके बारे में विचार भी नहीं करते ?
ह्यूमन - मानव होमो सेपियन प्रजाति के सदस्य, महिलाएं , बच्चे और व्यक्ति
राइट्स - अधिकार वह चीजे जिसके हम हक़दार है
एवं ऐसी स्वातंता जो निश्चित है ?
ह्यूमन राइट्स
मानव अधिकार : वह अधिकार जो आपको इंसान होने के नाते प्राप्त है।
मानव अधिकार वह है , जिसकी आप उम्मीद एक इंसान के रूप करते है।
- आज़ादी से जीने का अधिकार।
अपने मन की बात कहने का अधिकार।
समानता का अधिकार।
वैसे तो विभिन्न प्रकार के अधिकार है।
लेकिन कुछ अधिकार कुछ समूहों के लिए ही लागू है। लेकिन मानव अधिकार हर समूहों पर लागू होते है।
इसका मतलब बच्चों पर वृद्धों के लिए खिलाडी , सफाई, कर्मचारी, रैपर्स, अधयापक, अफ़्रीकी, भारतीय, अल्बेनियन, ईसाई, मुस्लिम , नास्तिक आपके माता पिता आपके पडोसी और आप सब सामान अधिकार है।
अन्य शब्दों में सार्वभौमिक है।
लेकिन प्रशन यही है , कि आखिर मानव अधिकार यही है।
जीने का अधिकार
हर एक का जन्म समानता व स्वतन्त्रता है
धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार
सयुंक्त रास्त्र कुल तीस
१ - हम सभी स्वतंत्र और सामान है
२ - भेदभाव न करना।
३- जीवन का अधिकार।
४- ना गुलामी
५- ना यातना
६ - आपके पास अधिकार है। आप कहीं भी रहे।
७-कानून की दृष्टि से सब सामान है।
८- कानून आपके मानव अधिकारों की रक्षा करता है।
९- अनुचित गिरफ़्तारी नही
१०- परीछन का अधिकार
११ - दोषी साबित होने तक हम निर्दोष है।
12 - एकांत का अधिकार।
१३ - भ्रमण का अधिकार
१४ - जीने के लिए एक सुरक्षित जगह तलाश करने का अधिकार
१५- राष्ट्रीयता का अधिकार
१६ - शादी एवं परिवार
१७ - अपनी वस्तुओं का अधिकार
१८- विचारों की स्वतंत्रता
१९- अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता
२० - सार्वजनिक सभा करने का अधिकार
२१ - लोकतंत्र का अधिकार
२२ - सामाजिक सुरक्षा
२३ - श्रमिको के अधिकार
२४ - खेलने का अधिकार
२५ - सभी के लिए भोजन और आश्रय
२६ - शिक्षा का अधिकार
२७ - निष्पक्ष् और मुक्त दुनिया
२८ - उत्तर्दयित्व
२९ - कोई आपके मानव अधिकार नही ले सकता।
यह सब मानव अधिकार सार्वभौमिक घोषणा में सूचीबद्ध है।
यह सबसे व्यापक रूप से स्वीकार किया गया दस्तावेज है
लेकिन एक छोटी सी समस्या है।
सभी के पास भोजन एवं आश्रय का अधिकार है।
फिर भी रोज १६ हज़ार बच्चे भूक से मर रहे है।
यर्थाथ प्रत्येक पांच सेकेण्ड मैं एक बच्चा अगर सभी के पास शिक्षा का अधिकार है
फिर क्यों ....
एक अरब वयस्क पढ़ भी नही सकते अगर गुलामी को समाप्त कर दिया गया है। फिर भी क्यों
सत्ताईस मिलियन लोग आज भी गुलाम है।
मानव अधिकारों की सार्व भौमिक घोषणा को कानून बल प्राप्त नही है। जिन सदस्य राष्ट्रों ने हस्ताक्षर किये है
यह शब्दों से अधिक है। लेकिन सवाल यह है , कौन इन शब्दों को वास्तविकता बनाएगा।
मानव अधिकारों को एक वास्तविक ता बनाना है।
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